Section 201(1A) के तहत TDS पर ब्याज की गणना कैसे होती है?
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 201(1A) के अनुसार यदि कोई टैक्स डिडक्टर (जैसे कंपनी या नियोक्ता) समय पर टीडीएस नहीं काटता है या काटने के बाद सरकारी खाते में जमा करने में देरी करता है, तो उसे अनिवार्य रूप से ब्याज (Interest) देना होता है। TaxTool.online का यह TDS Late Deposit Calculator आपको सही पेनल्टी की गणना करने में मदद करता है!
टीडीएस में देरी पर ब्याज की दरें (Interest Rates)
| चूक का प्रकार (Nature of Default) | ब्याज की दर (Rate) | ब्याज कब से कब तक लगता है? |
|---|---|---|
| Late Deduction (समय पर टीडीएस न काटना) | 1% प्रति माह | जिस तारीख से टीडीएस काटा जाना था, उस तारीख से लेकर जिस तारीख को वास्तव में काटा गया। |
| Late Payment / Deposit (काटने के बाद जमा न करना) | 1.5% प्रति माह | जिस तारीख को टीडीएस काटा गया था, उस तारीख से लेकर जिस तारीख को वास्तव में सरकारी खाते (Challan ITNS 281) में जमा किया गया। |
'Part of a Month' (महीने के हिस्से) का कड़ा नियम
टीडीएस ब्याज की गणना करते समय इनकम टैक्स विभाग "Part of a Month is treated as a Full Month" (महीने के किसी भी भाग को पूरा महीना मानना) का नियम लागू करता है।
- उदाहरण: यदि आपने 30 अप्रैल को टीडीएस काटा और उसे 8 मई को जमा किया (केवल 8 दिन की देरी), तो आयकर विभाग अप्रैल और मई दोनों महीनों को शामिल करके 2 पूरे महीनों का ब्याज (1.5% × 2 = 3%) वसूलेगा।
टीडीएस जमा करने की समय-सीमा (Due Dates)
- सामान्य महीनों के लिए: अगले महीने की 7 तारीख तक (जैसे अप्रैल का टीडीएस 7 मई तक)।
- मार्च महीने के लिए: वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने (मार्च) का टीडीएस जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल होती है।
- प्रॉपर्टी / रेंट (Form 26QB / 26QC): लेन-देन के महीने की समाप्ति से 30 दिनों के भीतर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या TDS ब्याज के भुगतान पर धारा 234E की लेट फीस अलग से लगती है?
हाँ, टीडीएस देरी से जमा करने पर ब्याज [Sec 201(1A)] अलग लगता है, और टीडीएस रिटर्न (24Q / 26Q) देरी से फाइल करने पर ₹200 प्रति दिन की लेट फीस (Sec 234E) अलग से लगती है।
2. क्या जमा किया गया TDS ब्याज Income Tax में खर्चा (Deduction) माना जाता है?
नहीं, धारा 201(1A) के तहत चुकाया गया पेनल्टी ब्याज आयकर अधिनियम की धारा 40(a)(ii) के अनुसार व्यावसायिक खर्च (Business Expense) के रूप में क्लेम नहीं किया जा सकता।